48,000 करोड़ के PACL घोटाले में ED का ताबड़तोड़ एक्शन, बरिंदर कौर के कई ठिकानों पर छापेमारी

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घोटाले के मामले में एड एक्शन: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ₹48,000 करोड़ के PACL घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 मार्च, 2025 को दिल्ली में बरिंदर कौर (स्व. निर्मल सिंह भंगू की बेटी) और मनोज कुमार (हर्षतिंदर पाल सिंह के करीबी) के ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान ईडी ने महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज, प्रॉपर्टी कागजात और अन्य अहम सबूत जब्त किए हैं, जो PACL और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों से जुड़े हैं.

क्या है PACL घोटाला?
PACL (Pearls Agrotech Corporation Limited) घोटाला देश के सबसे बड़े चिटफंड घोटालों में से एक है. इस कंपनी पर लाखों निवेशकों को ठगने का आरोप है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई PACL में लगाई थी. SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने PACL को गैर-कानूनी तरीके से पोंजी स्कीम चलाने का दोषी पाया था. पीएसीएल पर आरोप है कि उसने रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये लिए लेकिन बाद में उन्हें रिटर्न देने से इनकार कर दिया. जब यह मामला सामने आया तो सरकार और जांच एजेंसियों ने इसे लेकर सख्त कार्रवाई शुरू की.

छापेमारी में क्या मिला?
ईडी की छापेमारी में कई डिजिटल दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और PACL के लेन-देन के महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए हैं. माना जा रहा है कि ये दस्तावेज घोटाले से जुड़े पैसे और संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं.

इससे पहले क्या कार्रवाई हुई थी?
• SEBI ने 2014 में PACL पर प्रतिबंध लगाया और निवेशकों को ठगने का दोषी पाया.
• PACL के संस्थापक निर्मल सिंह भंगू को 2016 में गिरफ्तार किया गया था.
• अब तक PACL से जुड़ी कई संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और यह मामला अभी भी चल रहा है.

क्या होगा आगे?
ईडी इस मामले में बरिंदर कौर, मनोज कुमार और अन्य लोगों से पूछताछ करेगी. अगर इनकी संलिप्तता साबित होती है तो इन पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है. यह कार्रवाई उन लाखों निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है, जिन्होंने PACL में अपना पैसा लगाया था और अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं.

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