सीतामढ़ी में महाशिवरात्रि की तैयारी तेज, 13 फरवरी को होगा हलेश्वर स्थान महोत्सव, 15 को निकलेगी शिव बारात

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हलेश्वरनाथ मंदिर की महत्ता त्रेतायुगीन इतिहास और लोकविश्वास से जुड़ी है. मान्यता है कि यह शिवलिंग अत्यंत प्राचीन है और इसकी आस्था रामेश्वरम से भी पुरानी मानी जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पर भगवान शिव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले की धार्मिक पहचान का केंद्र माने जाने वाले त्रेताकालीन श्री हलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा यह धाम न केवल आस्था का प्रमुख स्थल है, बल्कि मिथिला की समृद्ध लोक-संस्कृति का प्रतीक भी है. मंदिर न्यास समिति की ओर से 13 फरवरी 2026 को हलेश्वर स्थान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जबकि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मेले का आयोजन प्रस्तावित है. आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए विधि-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक तैयारियां प्रशासन स्तर पर शुरू कर दी गई हैं. नौ फरवरी को न्यास समिति के अध्यक्ष सह डीडीसी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों की प्रगति पर चर्चा भी हुई.

हलेश्वरनाथ मंदिर की महत्ता त्रेतायुगीन इतिहास और लोकविश्वास से जुड़ी है. मान्यता है कि यह शिवलिंग अत्यंत प्राचीन है और इसकी आस्था रामेश्वरम से भी पुरानी मानी जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पर भगवान शिव मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु जल, बेलपत्र और धतूरा लेकर बाबा के दरबार में पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में दिनभर मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देता है. इस बार भी महोत्सव के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा.

हलेश्वर स्थान महोत्सव को सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग ने छात्रों और शिक्षकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं. डुमरा प्रखंड सहित विभिन्न प्रखंडों के निजी विद्यालयों को सांस्कृतिक दल गठित कर सूची 11 फरवरी तक जमा करने को कहा गया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता) आयुष कुमार ने बताया कि 22 संगीत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो 10 से 12 फरवरी तक डायट परिसर में अभ्यास सत्र में शामिल हुए. 13 फरवरी को महोत्सव के मंच से भक्ति संगीत और लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलेगा.

इधर नगर थाना परिसर स्थित मनोकामना नाथ महादेव मंदिर सेवा समिति की ओर से भी महाशिवरात्रि पर आकर्षक झांकी और गाजे-बाजे के साथ शिव बारात निकालने की तैयारी की जा रही है. भजन संध्या का आयोजन भी होगा, जिससे पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूब जाएगा. हलेश्वर स्थान महोत्सव न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी उत्सव है. 13 फरवरी को आयोजित होने वाला यह महोत्सव एक बार फिर सीतामढ़ी को आस्था, भक्ति और लोक-परंपराओं के भव्य उत्सव का साक्षी बनाएगा.

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रजनीश सिंह

जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें



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