आशीष रंजन/भागलपुर. हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद उनके बिहार कनेक्शन ने भागलपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है. पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में पकड़ी गई ज्योति के 2023 और 2024 में सुल्तानगंज और भागलपुर के बार-बार दौरे ने कई आशंकाओं को जन्म दे दिया है. जांच में सामने आया है कि ज्योति ने भागलपुर के प्रमुख स्थानों जैसे अजगैबीनाथ मंदिर, भागलपुर रेलवे स्टेशन समेत अन्य लोकेशन के वीडियो बनाए थे.
इन वीडियो में संवेदनशील जानकारी होने की आशंका को देखते हुए पुलिस को प्रमुख स्थानों निगरानी बढ़ा दी है. भागलपुर पुलिस अब ज्योति के स्थानीय संपर्कों और संभावित जासूसी नेटवर्क की तह तक जाने के लिए गहन जांच कर रही है. भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हृदयकांत ने अजगैबीनाथ मंदिर, कुप्पाघाट, विक्रमशिला सेतु, रेलवे स्टेशन और कहलगांव एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं
भागलपुर के पांच संवेदनशील स्थान जहां पुलिस की पैनी नजर
अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज
सुल्तानगंज का प्रसिद्ध अजगैबीनाथ मंदिर ज्योति मल्होत्रा के वीडियो में प्रमुखता से दिखाई दिया. 2023 के श्रावणी मेले के दौरान ज्योति ने मंदिर परिसर, उत्तरवाहिनी गंगा घाट और कांवर यात्रा की भीड़ का वीडियो बनाया था. पुलिस को शक है कि ये वीडियो केवल व्लॉगिंग के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक रेकी के उद्देश्य से बनाए गए हो सकते हैं. मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट शुरू हो चुका है, और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ डॉग स्क्वायड तैनात किए गए हैं.
महर्षि मेंही आश्रम, कुप्पाघाट
कुप्पाघाट स्थित महर्षि मेंही आश्रम आश्रम आध्यात्मिक महत्व का केंद्र होने के साथ-साथ गंगा किनारे बसा है, जिसे संवेदनशील माना जा रहा है. पुलिस ने आश्रम के आसपास निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की है ताकि ज्योति के संपर्कों का पता लगाया जा सके.
विक्रमशिला सेतू
गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु भागलपुर का एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है, जो रणनीतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील है. पुलिस को आशंका है कि यह जानकारी जासूसी नेटवर्क के लिए उपयोगी हो सकती थी. सेतु पर निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
भागलपुर रेलवे स्टेशन
भागलपुर रेलवे स्टेशन, जो पूर्वी भारत का एक प्रमुख रेल जंक्शन है, ज्योति के वीडियो में बार-बार दिखा. उनके वीडियो में स्टेशन की भीड़, प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी थी. पुलिस ने स्टेशन पर सर्विलांस सिस्टम को मजबूत किया है और ज्योति के स्थानीय संपर्कों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है.
कहलगांव एनटीपीसी
कहलगांव में स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है. ज्योति के वीडियो में इस क्षेत्र के आसपास की गतिविधियों और रास्तों की जानकारी होने की आशंका ने पुलिस को सतर्क किया है. एनटीपीसी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं.
वीडियो में सुल्तानगंज से देवघर और बासुकिनाथ तक की कांवर यात्रा की भी जानकारी
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हृदयकांत ने अजगैबीनाथ मंदिर, कुप्पाघाट, विक्रमशिला सेतु, रेलवे स्टेशन और कहलगांव एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं. सिटी एसपी शुभांक मिश्रा की अगुवाई में एक विशेष टीम इन स्थानों पर निगरानी कर रही है. साइबर सेल ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘Travel with JO’ और इंस्टाग्राम अकाउंट (3.77 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर्स और 1.33 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स) की जांच कर रही है. ज्योति के वीडियो में सुल्तानगंज से देवघर और बासुकिनाथ तक की कांवर यात्रा की विस्तृत जानकारी थी, जिसमें स्थानीय बाजार, लोग और रास्तों का जिक्र था.
स्थानीय यूट्यूबर और होटल कर्मियों से पूछताछ
पुलिस को शक है कि ज्योति का बार-बार भागलपुर आना केवल धार्मिक या पर्यटन उद्देश्य के लिए नहीं था. तकनीकी जांच में पता चला कि ज्योति का नाथनगर में एक स्थानीय यूट्यूबर से संपर्क था, जिसके दो मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है. इसके अलावा, ज्योति ने सुल्तानगंज के होटल विजय में 6-7 जुलाई 2023 को ठहराव किया था, जहां से उन्होंने रील बनाई थी. होटल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी है.
ज्योति मल्होत्रा ने अलग-अलग देश में बनाए वीडियो
ज्योति मल्होत्रा, जिन्हें ‘Travel with JO’ के नाम से जाना जाता है, ने अपने यूट्यूब चैनल पर भारत के धार्मिक स्थलों के अलावा पाकिस्तान, चीन, भूटान और इंडोनेशिया की यात्रा के वीडियो बनाए थे. जांच में खुलासा हुआ कि ज्योति का पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारी दानिश (एहसान-उर-रहीम) से संपर्क था, जिसे 13 मई 2025 को भारत से निष्कासित किया गया था. ज्योति की गिरफ्तारी के बाद उनके लैपटॉप और मोबाइल से मिले डेटा ने संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने की पुष्टि की है.