जमशेदपुर रविवार की सुबह खेल और जोश से भर उठा, जब टाटा स्टील हाफ मैराथन की रंगारंग शुरुआत हुई। टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर और एशिया पैसफिक के सीईओ टीवी नरेंद्रन ने हरी झंडी दिखाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बड़ी संख्या में लोग सुबह-सुबह जुबली पार
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शहर की सड़कों पर दौड़ते युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और प्रोफेशनल एथलीट, सभी ने मिलकर खेल भावना का अनूठा माहौल बनाया।आयोजन समिति के अनुसार, इस साल मैराथन में प्रतिभागियों की संख्या बीते वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। इससे जमशेदपुर की खेल संस्कृति और फिटनेस जागरूकता को लेकर लोगों में बढ़ती दिलचस्पी साफ झलकती है।
चार कैटेगरी की दौड़, 21 किमी पहली बार शामिल
प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए चार कैटेगरी—21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 2 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। खास बात यह रही कि इस बार 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन पहली बार सूची में जोड़ी गई, जिसने प्रोफेशनल धावकों के बीच नई ऊर्जा पैदा की।21 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को एक लाख रुपए नकद पुरस्कार और आकर्षक ट्रॉफी दी गई।
वहीं उपविजेताओं को 75 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई। कम दूरी की प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। टाटा स्टील के अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ग के प्रतिभागियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, खासकर युवाओं और पहली बार दौड़ में शामिल हुए धावकों ने माहौल को रोमांचक बना दिया।
यह केवल दौड़ नहीं, शहर की फिटनेस मुहिम
कार्यक्रम के दौरान टीवी नरेंद्रन ने कहा कि मैराथन सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जमशेदपुर की पहचान बन चुकी है। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील हर साल इस आयोजन के माध्यम से लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करता है। नरेंद्रन ने कहा कि आने वाले वर्षों में इसे और बड़े स्तर पर ले जाने की योजना है।
फुल मैराथन आयोजित करने की तैयारी भी चल रही है।उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह आयोजन शहर के हर वर्ग के लोगों को एक मंच देता है, जहां फिटनेस को लेकर सामूहिक संकल्प मजबूत होता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सक्रिय भागीदारी ने साबित कर दिया कि जमशेदपुर सिर्फ औद्योगिक ही नहीं, बल्कि खेल और स्वास्थ्य के प्रति भी सजग शहर है।