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बांका में स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़ी जांच: प्रसव में कमी पर डीएम सख्त, 75 फीसदी लक्ष्य पूरा करने का अल्टीमेटम, लापरवाही पर वेतन रोकने की चेतावनी – Banka News

बांका में स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़ी जांच:  प्रसव में कमी पर डीएम सख्त, 75 फीसदी लक्ष्य पूरा करने का अल्टीमेटम, लापरवाही पर वेतन रोकने की चेतावनी – Banka News
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बांका जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में बांका समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं कमियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सोहेल अंजूम, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति के सभी प्रमुख पदाधिकारी,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य से जुड़े सभी सूचकांकों में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि बढ़ाना सुनिश्चित करें,ताकि राज्य स्तरीय रैंकिंग में बांका जिला कम-से-कम टॉप-05 में शामिल हो सके।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कम-से-कम 75 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए
समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। जिला पदाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी माह में लक्ष्य के अनुरूप कम-से-कम 75 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित संस्थान के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अथवा अस्पताल प्रबंधक के वेतन स्थगित किए जाएंगे। विशेष रूप से सदर अस्पताल,बांका में संस्थागत प्रसव एवं सिजेरियन ऑपरेशन की कम संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।उपाधीक्षक, सदर अस्पताल को निर्देश दिया गया कि रात्रि में भी संस्थागत प्रसव एवं सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा सभी चिकित्सक रोस्टर के अनुसार समय से कार्यस्थल पर उपस्थित रहें।इस पर सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि चालू माह में सदर अस्पताल में रात्रिकालीन सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा प्रारंभ कर दी जाएगी। स्वास्थ्य उपकेंद्रवार समीक्षा करने को कहा
बैठक में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच पर भी विशेष जोर दिया गया।सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को प्रथम,द्वितीय एवं चतुर्थ एएनसी जांच शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए आशा एवं एएनएम के साथ साप्ताहिक बैठक कर स्वास्थ्य उपकेंद्रवार समीक्षा करने को कहा गया। मातृत्व मृत्यु एवं शिशु मृत्यु की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी मामलों में वर्बल ऑटोप्सी पूर्ण कर बीमारी के कारण की जांच के बाद ही पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड की जाए। साथ ही प्रसव उपरांत महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आशा एवं एएनएम द्वारा नियमित गृह भ्रमण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल अमरपुर, बौंसी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में असंतोषजनक पाई गई। लक्ष्य के अनुरूप सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश
विशेष रूप से सीएचसी धोरैया में एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई गई और संबंधित प्रभारी को आगामी माह में लक्ष्य के अनुरूप सुविधा उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया।टीकाकरण की समीक्षा में बाराहाट, बांका एवं अमरपुर प्रखंड की उपलब्धि कम पाई गई। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी ने छूटे हुए बच्चों का विशेष टीकाकरण शिविर के माध्यम से टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही वीएचएसएनडी साइट का प्रखंड स्तर पर निरीक्षण करने के लिए टीम गठित करने का आदेश दिया गया। गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन जांच एवं आईएफए टैबलेट वितरण की उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया।अंत में ‘भाव्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन ओपीडी कंसल्टेशन, वाइटल टेकन, औसत वेटिंग टाइम एवं जर्नी टाइम जैसे सूचकांकों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को राज्य द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी प्रविष्टियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।



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