हरियाणा सरकार ने पेंशनर्स को नए साल का तोहफा दिया है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन को 3000 रुपये से बढ़ाकर 3250 रुपये कर दिया गया है। पेंशन में 250 रुपये की इस बढ़ोतरी की घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की।
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अब सभी पेंशनर्स को अगली पेंशन से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा हरियाणा में केंद्र और राज्य सरकार के जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से 3000 रुपये मासिक पेंशन से कम मिल रही है, उनकी भरपाई वृद्धावस्था सम्मान भत्ते से की जाएगी।
यानी अगर किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी को ईपीएफ से 1000 रुपये पेंशन मिल रही है तो सरकार वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के तौर पर 2000 रुपये अलग से देगी।
जिनकी ईपीएफ पेंशन 2000 रुपये है, उन्हें 1000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे
इसी तरह अगर ईपीएफ पेंशन 2000 रुपये प्रति माह है, तो ऐसे व्यक्ति को सरकार की ओर से हर महीने 1000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पहले ही अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में एचएमटी और एमआईटीसी समेत विभिन्न विभागों और बोर्ड-निगमों के करीब सवा लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जिनकी ईपीएफ पेंशन वृद्धावस्था पेंशन से काफी कम है।
सीएम नायब सैनी।
पेंशन बढ़ाने पर लंबे समय से चल रही थी चर्चा
हरियाणा सरकार पेंशन बढ़ाने को लेकर लंबे समय से मंथन कर रही थी। इससे पहले भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में पेंशन को वैज्ञानिक फार्मूले से जोड़कर बढ़ाने का वादा किया था। यह फार्मूला पेंशन और महंगाई भत्ते को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था।
सरकार ने पेंशन प्रक्रिया को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोड़ दिया है। अब जैसे ही कोई व्यक्ति 60 साल का होता है, उसके परिवार पहचान पत्र में दर्ज आंकड़ों के आधार पर पेंशन अपने आप शुरू हो जाती है। इस तकनीक से 80 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन घर बैठे मंजूर हो चुकी है।
9 साल में पेंशन 1000 से बढ़कर 3250 हुई
हरियाणा सरकार ने अपने सवा नौ साल के कार्यकाल में पेंशन में लगातार बढ़ोतरी की है। 2014 में जहां यह राशि मात्र 1000 रुपये थी, वहीं चरणबद्ध तरीके से इसे बढ़ाकर 3000 रुपये किया गया। अब 2024 में इसे बढ़ाकर 3250 रुपये कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार हरियाणा में करीब 35 लाख लोग वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।
सरकार इन पेंशनों पर हर साल करीब 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। इस बढ़ोतरी के बाद सरकार का खर्च और बढ़ेगा, लेकिन इससे लाभार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी। पेंशन बढ़ोतरी की घोषणा से लाभार्थियों में खुशी की लहर है। यह कदम आने वाले महीनों में सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।