गयाजी में शुक्रवार की शाम तेज आंधी-तूफान के चलते शहर के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शाम पांच बजे के बाद से ही बिजली गुल हो गई। रात गहराने के साथ हालात और बिगड़े। आधी रात तक कई इलाके अंधेरे में डूबे रहे। आंधी के कारण बड़ी संख्या म
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शहर में करीब 25, 33 केवी फीडर और 16 पीएसएस प्रभावित हुए। 70 से ज्यादा 11 केवी फीडरों पर भी पेड़ गिरने से लाइन ठप हो गई। कई स्थानों पर इतने विशालकाय पेड़ गिरे कि उन्हें हटाने के लिए वन विभाग की मदद लेनी पड़ी। शहर में 40 से अधिक पेड़ आंधी की मार नहीं झेल सके और गिर गए। जिसकी वजह से बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई।
अधिकारियों ने संभाल मोर्चा, 4 घंटे में 500 शिकायत
बिजली विभाग की टीम ने राहत कार्य में तेजी दिखाई। अब तक करीब 10, 33 केवी और 50, 11 केवी लाइन को बहाल कर दिया गया है। शेष लाइनों को चालू करने का प्रयास जारी है। सभी चार सहायक विद्युत अभियंता, 13 जूनियर इंजीनियर और 100 से अधिक मजदूर फील्ड में जुटे रहे। अधिकारियों ने भी खुद मोर्चा संभाला। फिर भी दिक्कत कम नहीं हुई। नेली का एक मात्र फीडर चालू होकर तुरंत बंद हो गया। कॉल सेंटर पर सिर्फ चार घंटों में 500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं।
शहर का मानपुर इलाका भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा। आधी रात तक बिजली नहीं आने से लोगों के इन्वर्टर जवाब दे गए। अधिकारी देर रात तक फॉल्ट तलाशते रहे, मगर आम लोगों को राहत नहीं मिल सकी। अचानक आई इस आपदा ने शहरवासियों की रातें मुश्किल कर दीं।