बिहार में बीजेपी क‍िसे देगी ट‍िकट? 18 को अमित शाह चेक करेंगे विधायकों की परफॉर्मेंस

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Amit Shah Bihar Visit: बीजेपी ने बिहार में सीट शेयरिंग और टिकट बंटवारे का तीन स्तर का फॉर्मूला अपनाया है. अमित शाह 18 सितंबर को पटना में विधायकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट देखेंगे.

Amit Shah Bihar Visit: अमित शाह बिहार दौरे पर रहेंगे. (फाइल फोटो)
बीजेपी ने अब बिहार पर फोकस बढ़ा द‍िया है. सीट शेयर‍िंग से लेकर टिकट बंटवारे का फार्मूला तय क‍िया जाने लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बिहार में थे. वहां उन्‍होंने सैकड़ों करोड़ की विकास पर‍ियोजनाओं की सौगात दी. अब संगठन का काम तेज होने वाला है. इसील‍िए पीएम मोदी की रैली के बाद गृहमंत्री अमित शाह 18 सितंबर को पटना दौरे पर रहेंगे. इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि शाह न केवल विधायकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट देखेंगे बल्कि टिकट बंटवारे का फॉर्मूला भी उसी आधार पर तय होगा.

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने बिहार में टिकट तय करने के लिए तीन स्तर का फॉर्मूला अपनाया है. सबसे पहले पार्टी उन सीटों पर फोकस करेगी, जहां उसकी जीत की संभावना ज्यादा है. यानी पिछली बार जीती हुई सीटें और जहां अंतर से हार हुई थी, वहां पर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. मौजूदा विधायकों की रिपोर्ट कार्ड तैयार की गई है. इसमें उनकी जनसंपर्क क्षमता, क्षेत्र में पकड़, संगठन के साथ तालमेल और जनता में छवि का आकलन किया जाएगा. जो विधायक कमजोर पाए जाएंगे, उनके टिकट कटने की पूरी संभावना है.

जातीय समीकरण पर फोकस

बिहार की राजनीति में जातीय संतुलन सबसे अहम है. बीजेपी कोशिश करेगी कि टिकट वितरण में अति पिछड़े वर्ग (EBC), दलित, महादलित, महिला और युवा चेहरों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले. सोशल जस्‍ट‍िस पर बीजेपी का अपना एजेंडा रहा है. उसका एक खास ट्रैक रिकॉर्ड है. इसल‍िए वह कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहेगी. वह चाहेगी क‍ि हर वर्ग का वोट उसे मिले.

शाह की बैठकें और एजेंडा
18 सितंबर की सुबह अमित शाह पटना में पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों की बैठक करेंगे. संगठन को बूथ स्तर तक कैसे मजबूत किया जाए. किन-किन मुद्दों को चुनाव में उठाना है. कार्यकर्ताओं को जीत का क्‍या मंत्र देना है इस पर बात होगी. शाह यह भी देखेंगे कि मोदी सरकार की योजनाएं कितनी प्रभावी ढंग से जमीन पर पहुंचीं और उसका राजनीतिक लाभ कैसे उठाया जा सकता है.

विधायकों की परीक्षा

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शाह इस बार सीधे-सीधे सवाल-जवाब कर सकते हैं. किस विधायक ने कितनी बार अपने क्षेत्र का दौरा किया? जनता से संवाद कितना है? स्थानीय मुद्दों को पार्टी मंच तक किस तरह पहुंचाया? इन सबकी समीक्षा होगी. पार्टी का मकसद है कि कमज़ोर विधायकों की जगह नए और विजयी चेहरों को उतारा जाए.

बीजेपी का बड़ा लक्ष्य
बीजेपी का लक्ष्य है कि बिहार में एनडीए की सीटें बढ़ाई जाएं और 2025 के विधानसभा चुनाव में फ‍िर से सत्ता हासिल की जाए. इसके लिए पार्टी “विनिंग कैंडिडेट ही टिकट पाएगा” के फॉर्मूले पर अडिग है. 18 सितंबर की अमित शाह की बैठक सिर्फ संगठन समीक्षा नहीं, बल्कि यह तय करने की दिशा में बड़ा कदम होगी कि कौन विधायक फिर से टिकट पाएगा और कौन बाहर होगा। शाह का यह दौरा बिहार बीजेपी के लिए टिकट का लिटमस टेस्ट साबित होगा.

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Gyanendra Mishra

श्री ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा hindi.news18.com से जुड़े हैं। होम पेज पर काम करना। उनके पास पत्रकारिता में 20 साल का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने अमर उजला के साथ अपना करियर शुरू किया और फिर ‘हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप …और पढ़ें

श्री ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा hindi.news18.com से जुड़े हैं। होम पेज पर काम करना। उनके पास पत्रकारिता में 20 साल का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने अमर उजला के साथ अपना करियर शुरू किया और फिर ‘हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप … और पढ़ें

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