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Sasaram News: बिहार के सासाराम ने पुलिस ने ठगों को गिरफ्तार किया. आरोप है कि दोनों युवक नोटों की फर्जी गड्डियां दिखाकर लोगों का असली रुपया ठग लेते थे. पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है.
सासारामः बिहार की सासाराम में ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ. पुलिस ने रेलवे स्टेशन के बाहर नकली नोटों की गड्डियां लेकर घूमने वाले 2 युवकों को गिरफ्तार किया. नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर धर्मशाला मोड़ के पास आरोपियों को धरदबोचा. आरोप है कि दोनों नकली नोटों की गड्डियों का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से ठगी किया करते थे. पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया.
पुलिस को सूचना मिली थी कि स्टेशन के बाहर कुछ युवक नोटों की गड्डियां लेकर संदिग्ध रूप से घूम रहे हैं. ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों, खासकर बाहर से कमाकर लौटने वाले मजदूरों को अपने जाल में फंसा रहे हैं. सूचना मिलते ही नगर थाना की टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होते ही दो युवकों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू चौधरी और दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो रोहतास जिले के नोखा इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
नकली नोटों की गड्डियां बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से करीब 8 हजार रुपये नकद, नोट के आकार में काटकर बनाए गए कागजों के कई बंडल, कुछ असली 500 रुपये के नोट, कई मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ठगी का पूरा तरीका भी बताया. उन्होंने स्वीकार किया कि वे रेलवे स्टेशन के बाहर ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे जो थके हुए, जल्दबाजी में या अनजान होते थे.
ऐसे करते थे ठगी
ठग पहले जमीन पर नोटों की गड्डी गिरने का नाटक करते थे, जिसमें ऊपर और नीचे असली 500 रुपये के नोट लगे होते थे और बीच में कागज भरे रहते थे. इसके बाद वे यात्रियों को लालच देकर कहते थे कि गड्डी में काफी पैसे हैं और आपस में बांट लेते हैं. इसी बहाने वे पीड़ितों का असली पैसा लेकर फरार हो जाते थे. आरोपियों ने यह भी बताया कि खासतौर पर परदेस से कमाकर लौटने वाले मजदूरों को वे आसान शिकार मानते थे, क्योंकि ऐसे लोग अक्सर नकदी लेकर यात्रा करते हैं और ठगी को तुरंत समझ नहीं पाते. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था. सासाराम के एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं.
लेखक के बारे में

माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर किया. वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. राजनीति, क्राइम से जुड़ी खबरें लिखने में रूचि.