सीवान में सराय थाने से गोलीकांड का आरोपी भागा: एक हफ्ते में दूसरा आरोपी थाने से फरार, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल – Siwan News

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सीवान में इन दिनों पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। हालात यह हैं कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त तक थाने की हाजत से पुलिस को चकमा देकर फरार हो जा रहे हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल छोटे कर्मियों को लाइन हाजिर कर खानापूर्ति कर दी जा रही है, जिससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ताजा मामला सराय थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां शुक्रवार को पुरानी रंजिश में पपौर गांव में एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिक अभियुक्त पपौर निवासी भभूति तिवारी के पुत्र बबलू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद उसे सराय थाना की हाजत में बंद किया गया था और कागजी कार्रवाई पूरी कर शनिवार को जेल भेजने की तैयारी चल रही थी। धक्का दिया और थाना की दीवार फांदकर फरार लेकिन शनिवार की सुबह एक बार फिर पुलिस की लापरवाही उजागर हो गई। सराय थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ आनन्द के अनुसार हाजत में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण आरोपी बबलू तिवारी ने शौच जाने की बात कही। ड्यूटी पर तैनात संतरी उसे हाजत से बाहर लेकर आया और थाना परिसर में दीवार के पास बैठाया। इसी दौरान आरोपी ने अचानक संतरी को धक्का दिया और देखते ही देखते थाना की दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। जिम्मेदारी जिस अधिकारी पर थी उसपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं इससे पहले भी 28 फरवरी को मैरवा थाना का मामला सामने आया था, जहां बाइक चोर गिरोह को पकड़ने का दावा करते हुए पुलिस ने बड़ी उपलब्धि बताकर प्रेसवार्ता की थी। उस समय पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया था और वाहवाही भी बटोरी थी। लेकिन अगले ही दिन पुलिस की पोल खुल गई, जब गिरोह का मुख्य अभियुक्त फिरोज अंसारी मैरवा थाना के हाजत की दीवार फांदकर फरार हो गया। उस मामले में पुलिस अधीक्षक द्वारा बीते गुरुवार को एक एएसआई, एक चौकीदार और दो होमगार्ड सिपाहियों पर कार्रवाई कर दी गई थी, लेकिन थाना संचालन की जिम्मेदारी जिस अधिकारी पर थी उसपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के सात दिन बाद भी फरार अभियुक्त को पुलिस अब तक पकड़ नहीं सकी है। लगातार दो थानों से अभियुक्तों के फरार होने की घटनाओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मैरवा में एसडीपीओ स्तर के अधिकारी बैठते हैं और सराय थाना की जिम्मेदारी प्रशिक्षु डीएसपी के पास है, तब भी इस तरह की घटनाएं होना पुलिस व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि सराय थाना पहुंचकर घटना की जांच की गई है और थाना प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।



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