पटना. बिहार कम्युनिटी हेल्थ अफसर CHO परीक्षा मामले में आर्थिक अपराध इकाई EOU एक्शन मोड में है. इस परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले 36 लोगों को जेल भेज दिया गया है. सूत्रों का दावा है कि अब EOU इनको बारी-बारी से रिमांड पर लेगी और सेटिंग वाले गैंग का पता लगाएगी. ये सभी बेहद शातिर लोग हैं और इनका परीक्षा में सीधा दखल था. EOU इन लोगों से सॉल्वर गैंग और सेटिंग वालों का पता लगाएगी जिसने आईपी लीक करते हुए यह पूरा कांड किया था. सूत्रों की माने तो परीक्षा पास कराने के नाम पर 4 से 5 लाख रुपए लिए गए थे.
सूत्रों ने बताया है कि पटना में कई जगहों पर छापेमारी की गई है. इसके साथ ही दानापुर, समस्तीपुर, वैशाली के दर्जन भर स्थानों पर रेड करते हुए अहम दस्तावेज और उपकरणों को बरामद किया गया है. EOU ने सोमवार रात 37 लोगों को अरेस्ट कर लियाा था, इनमें से एक से पूछताछ हो रही है, जबकि 36 लोगों को जेल भेज दिया था. यह परीक्षा जिम्मा वी शाइन नामक कंपनी के पास था. आशंका है कि इसी कंपनी से परीक्षा माफिया मिल गया था और उसने कंप्यूटर पर अपना कंट्रोल कर लिया था.
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साफ्टवेयर रिमोट एप्लीकेशन से दूर बैठा सॉल्वर सारे सवालों को हल करता था
सूत्रों का कहना है कि रवि भूषण और अतुल प्रभाकर को मास्टर माइंड बताया जा रहा है. इन लोगों पर आरोप है कि ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर जिन-जिन परीक्षार्थियों की सेटिंग थी, उनकी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाकर उन्हें कंप्यूटर के सामने बैठाया जाता था , लेकिन उनके कंप्यूटर का आईपी एड्रेस पहले ही लीक हो चुका होता था और साफ्टवेयर रिमोट एप्लीकेशन से दूर बैठा सॉल्वर सारे सवालों को हल करता था. EOU इसी सॉल्वर गैंग और पूरे गिरोह को अरेस्ट करना चाहती है. इसको लेकर अफसरों ने सभी आरोपियों का बारी-बारी से रिमांड लेकर पूछताछ करना तय किया है. सूत्रों का दावा है कि इस पूछताछ से कई और भी खुलासे होंगे.
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पहले प्रकाशित : 4 दिसंबर, 2024, 12:11 अपराह्न IST