वैशाली जिले के लालगंज थाना के थानाध्यक्ष संतोष कुमार और दरोगा सुमन जी झा को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। दोनों पर चोरी के एक मामले में जब्त किए गए आभूषण और नकदी को छिपाने का गंभीर आरोप है। इस कार्रवाई की पुष्टि सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल ने की है यह मामला दो दिन पहले सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आया था। एसडीपीओ ने बताया कि लालगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव में रामप्रीत सहनी के घर चोरी का काफी सामान रखा गया है और कुछ लोग उसका बंटवारा कर रहे हैं।
सूचना की जांच और वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद थानाध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बनाई गई। इसके बाद पुलिस बल के साथ बिलनपुर गांव स्थित रामप्रीत सहनी के घर पर छापेमारी की गई। पुलिस वाहन को देखते ही पांच से छह संदिग्ध अपराधी मौके से फरार हो गए, हालांकि पुलिस उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हो सकी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने रामप्रीत सहनी की पत्नी को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पति अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लालगंज थाना क्षेत्र के गंज इलाके में लगातार चोरी और घर में घुसकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस के अनुसार, हाल ही में गंज इलाके में हुई चोरी के मामले में गृहस्वामी द्वारा चोरी गए सामान की पहचान कर ली गई है। वहीं, अन्य बरामद किए गए सामान की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
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इधर, इस मामले में आरोपी रामप्रीत सहनी के रिश्तेदार गेना लाल सहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने चोरी का आरोप लगाकर घर में छापेमारी की और वहां से 50 से 60 लाख रुपये नकद, करीब 2 किलो सोना और 6 किलो चांदी उठा ले गई। आरोप है कि यह सारा सामान जब्ती सूची में नहीं दिखाया गया। गेना लाल सहनी का दावा है कि गांव के कई लोगों ने पुलिस को सामान ले जाते हुए देखा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद थानाध्यक्ष और दरोगा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।