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Patna News: जानकारी के अनुसार डॉ अजय आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से बाहर परीक्षा केंद्र दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने की फिराक में था. बताया जा रहा है कि छात्रों से 40-40 हजार रुपये डिमांड की गयी थी. यह खुलासा सोशल मीडिया पर छात्रों की ओर…और पढ़ें
पटना. बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) के चाणक्य हॉस्टल के कमरे में आग लगने के मामले को लेकर पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मिली जानकारी के अनुसार चाणक्य हॉस्टल के कमरे में अवैध रूप से रह रहे डॉक्टर अजय के रूम में विरोधी गुट ने आग लगाई थी. बताया जा रहा है कि डॉक्टर अजय के साथ विरोधी गुट के साथ मारपीट हुई थी. इसी को लेकर विरोधी गुट नाराज था और इसी नाराजगी के कारण विरोधी गुट ने आग लगा दी थी.
पुलिस की जांच के अनुसार डॉ अजय आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से बाहर परीक्षा केंद्र दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने की फिराक में था. बताया जा रहा है कि छात्रों से 40-40 हजार रुपये डिमांड की गयी थी. यह खुलासा सोशल मीडिया पर छात्रों की ओर से लिखे गए वायरल पत्र के जरिए हुआ. इसके लिए छात्रों ने 2 जनवरी को आर्यभट्ट विश्वविद्यालय को पत्र भी लिखा था. पीरबहोर पुलिस पत्र की जांच में जुटी है. पुलिस ने एमबीबीएस और पीजी के चार छात्रों से पूछताछ की है. वहीं पुलिस की एक टीम आर्यभट्ट विश्वविद्यालय पहुंची है. इस दौरान पुलिस की टीम ने करीब 4 घंटे तक पूछताछ की.
बता दें, बीते हफ्ते बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच के चाणक्य हॉस्टल में आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया. लेकिन, जैसे ही अग्निशमन की टीम जांच करने रूम में पहुंची तो कमरे में मौजूद सामान देख कर दंग रह गयी थी. कमरे में करीब 10-12 लाख रुपये के जले हुए नोट और नीट यूजी के कई एडमिट कार्ड बिखरे पड़े थे. इसके बाद इस कमरे की जिम्मेदारी फायर बिग्रेड से पटना पुलिस ने ले ली और जांच में लग गई. शुरुआती जांच में मामला एग्जाम में स्कॉलर बैठाने का प्रतीत हो रहा है. यह कमरा अमित कुमार के नाम से अलॉट है. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है.
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15 जनवरी 2025, 09:28 IST