कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. विदेश में दिए कांग्रेस नेता के बयानों को लेकर अक्सर बीजेपी उन पर हमलावर रहती है. भगवान राम को काल्पनिक पात्र बताने के उनके बयान से एक बार फिर बवाल हो गया है. अमेरिकी दौरे के दौरान पिछले दिनों राहुल गांधी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सभी पौराणिक पात्र हैं. भगवान राम उसी प्रकार के थे, वे क्षमाशील थे और वे दयालु थे.
‘राहुल गांधी को देश माफ नहीं करेगा’
राहुल गांधी के इस वायरल वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उन पर निशाना साधा है. राहुल गांधी का ये वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ये देश राहुल गांधी को भगवान राम के अस्तित्व पर संदेह करने के लिए कभी माफ नहीं करेगा. शहजाद पूनावाला ने कहा कि राष्ट्रद्रोही कांग्रेस अब रामद्रोही कांग्रेस बन गई है. राहुल गांधी ने भगवान श्रीराम को पौराणिक और काल्पनिक पात्र बताया है. यही कांग्रेस का असली चरित्र है पहले राम मंदिर का विरोध किया अब भगवान राम के होने पर संदेह कर रहे हैं.
‘भगवान श्रीराम का अपमान कांग्रेस की पहचान बन गई’
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि यह राम और हिंदू विरोधी पार्टी की मानसिकता का सबसे बड़ा संकेत है. हिंदुओं और भगवान श्रीराम का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है. कांग्रेस हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल करती रही है. अब एक और बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि भगवान राम पौराणिक हैं. यह वही भाषा है जिसका इस्तेमाल सोनिया गांधी ने यूपीए सरकार के दौरान राम सेतु को तोड़ने के लिए किया था.
Rashtra Drohi Congress
Ab Ram Drohi CongressRahul Gandhi says Prabhu Ram is mythological or kalpanik
यह कैसे और क्यों उन्होंने राम मंदिर का विरोध किया और यहां तक कि प्रभु राम के अस्तित्व पर भी संदेह किया … pic.twitter.com/doyxugs8jm
— Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) 3 मई, 2025
शहजाद पूनावाला ने कहा कि ये कांग्रेस के हिंदी विरोधी और भारत विरोधी होने का सबसे बड़ा उदाहरण है और देश की जनता उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी. बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने भी एक्स पर राहुल गांधी की टिप्पणी का एक क्लिप शेयर किया और लिखा कि राहुल गांधी के कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2007 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि भगवान राम का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है.
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