DigiLocker में UMANG ऐप इंटीग्रेशन के साथ कई नए फीचर्स की एंट्री हुई है। MeitY ने कहा कि यूजर अब पर्सनल और ऑफिशियल डॉक्युमेंट को ऐक्सेस करने के साथ ही कई सरकारी सेवाओं को एक ही प्लैटफॉर्म से ऐक्सेस और मैनेज कर सकेंगे।
DigiLocker में UMANG ऐप इंटीग्रेशन के साथ कई नए फीचर्स की एंट्री हुई है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) ने कहा कि यूजर अब पर्सनल और ऑफिशियल डॉक्युमेंट को ऐक्सेस करने के साथ ही कई सरकारी सेवाओं को एक ही प्लैटफॉर्म से ऐक्सेस और मैनेज कर सकेंगे। डिजिलॉकर में उमंग ऐप इंटीग्रेशन को अभी केवल ऐंड्रॉयड यूजर्स के लिए रोलआउट किया गया है। आने वाले दिनों में इसे iOS के लिए भी रोलआउट किया जाएगा।
नैशनल ई-गवर्नेंस डिविजन ने प्रेस रिलीज में दी जानकारी
डिजिलॉकर में उमंग ऐप के इंटीग्रेशन की जानकारी नैशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) ने एक प्रेस रिलीज में दी। इस इंटीग्रेशन के होने से यूजर आधार, पैन, ईपीएफओ, सर्टिफिकेट्स, पेंशन, यूटिलिटी, हेल्थ और ट्रैवल जैसी कई सर्विसेज को एक ही प्लैटफॉर्म पर ऐक्सेस कर सकेंगे। इसे अभी केवल ऐंड्रॉयड के लिए इसलिए ऑफर किया जा रहा है क्योंकि उमंग ऐप iOS प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है। अगर आपको डिजिलॉकर में उमंग ऐप का इंटीग्रेशन नहीं दिख रहा है, तो आप इन स्टेप को फॉलो कर सकते हैं:
1- सबसे पहले अपने डिजिलॉकर ऐप को लेटेस्ट वर्जन से अपडेट करें।
2- इसके बाद अपने ऐंड्रॉयड फोन में डिजिलॉकर ऐप को ओपन करें।
3- डिजिलॉकर ऐप में दिख रहे उमंग आइकन पर टैप करें।
4- प्रॉम्प्ट मिलने पर गूगल प्ले स्टोर से उमंग ऐप को इंस्टॉल करें।
रेलवे के हायरिंग पोर्टल का भी डिजिलॉकर इंटीग्रेशन
कुछ दिन पहले पहले कथित तौर पर इंडियन रेलवे ने अपने हायरिंग पोर्टल को डिजिलॉकर ऐप में इंटीग्रेट किया था। इसका टारगेट रिक्रूटमेंट की प्रक्रिया में लगने वाले 18 से 24 महीने के समय को घटा कर 6 महीने करना है। बताया जा रहा है कि अब वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरी तरह डिजिलॉकर पर आधारित है। बताते चलें कि डिजिलॉकर डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का एक फ्लैगशिप इनिशिएटिव है। यह यूजर्स के जरूरी डॉक्यूमेंट्स को सिक्योर क्लाउड बेस्ड स्टोरेज देता है।