मोहम्मद रफ़ी साहब के कुछ चुनिंदा गाने प्रस्तुत है। ये गाने मुझे बहुत ही पसंद है। और आशा है आप सबको भी पसंद आएंगे।
😍😍पहला गीत है फिल्म दुलारी से। संगीत दिया है नौशाद साहब ने राग पहाड़ी में निबध्द किया है, गीत के बोल लिखे हैं शकील बदायूंनी जी ने। और गायक हमारे अपने मोहम्मद रफी साहब
🥁सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
😍😍दूसरा गीत है फिल्म आखिरी दांव से, हर दिल अजीज मोहम्मद रफी साहब के गाए हुए इस गाने के बोल लिखे हैं मजरूह सुल्तानपुरी जी ने, संगीत दिया है मदन मोहन जी ने
🥁तुझे क्या सुनाऊं मैं दिलरुबा तेरे सामने मेरा हाल है
तेरी एक निगाह की बात है मेरी जिंदगी का सवाल है
😍😍 तीसरा गीत है फिल्म कौन अपना कौन पराया, गीतकार शकील बदायूंनी के खूबसूरत शब्दों को आवाज दी है मोहम्मद रफी साहब जी ने, सुरीले सुरों में रवि साहब ने इस गीत को रात पहाड़ी में निबध्द किया है।
🥁जरा सुन हसीना नजन मेरा दिल तुझी पे निसार है
😍😍चौथा गीत है फिल्म बचपन से सरदार मलिक जी के संगीत से संवारा हुआ हसरत जयपुरी जी का लिखा हुआ गीत, बहुत ही दिलकश और शानदार आवाज में रफी साहब ने गया है
🥁मुझे तुमसे मोहब्बत है मगर मैं कह नहीं सकता
मगर मैं क्या करूं बोले बिना भी रह नहीं सकता
😍😍पांचवा और अंतिम गीत है फिल्म निशान 1963 की फिल्म से, इस फिल्म में संजीव कुमार जी हीरो हैं और नाज़िमा हीरोइन है। उषा खन्ना जी का संगीत, गीत के बोल लिखे हैं जावेद अनवर साहब ने। गाया है इसे हमारी सदी के महानतम गायक मोहम्मद रफी साहब ने
🥁हाये तबस्सुम तेरा
धूप खिल गई रात में
या बिजली गिरी बरसात में
हाये तबस्सुम तेरा
गानों को सुनिए एंजॉय कीजिए और अपने बहुमूल्य कॉमेंट्स देकर हमारा उत्साहवर्धन कीजिए
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