अब शिवराज और वसुंधरा का क्या होगा? मिलेगा कोई काम या देंगे आराम, जेपी नड्डा ने दिया जवाब

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शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे की भविष्य में क्या भूमिकाएं होंगी। क्या इन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी या इनको आराम दिया जाएगा। जेपी नड्डा ने इन सवालों का जवाब दिया है। जानें उन्होंने क्या कहा…

Krishna Bihari Singh लाइव हिंदुस्ताननई दिल्लीबुध, 13 दिसंबर 2023 05:21 अपराह्न
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भाजपा की नई सरकारों ने बुधवार से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में काम शुरू कर दिया है। राजस्थान में 15 दिसंबर को नई सरकार शपथ लेगी। पार्टी ने तीनों राज्यों में तीन कद्दावर नेताओं को दूसरी भूमिकाएं सौंपने का मन बनाया है। खुद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक टीवी कार्यक्रम में यह जानकारी दी है। नड्डा से मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी सभी को नया काम सौंपेगी।

जेपी नड्डा ने एजेंडा आजतक कार्यक्रम में कहा कि ये सभी लोग हमारे वरिष्ठ नेता हैं। भाजपा तो ऐसी पार्टी है जो साधारण कार्यकर्ता का भी इस्तेमाल करने से नहीं चूकती। फिर इन वरिष्ठ नेताओं को छोड़ देने का सवाल ही नहीं है। हम इन्हें भी काम सौंपेंगे। हम इन नेताओं को इनके कद के हिसाब से जिम्मेदारी देंगे। पार्टी इनको अच्छे काम में लगाएगी। यह पूछे जाने पर कि बात करने के दौरान क्या उनको शिवराज और वसुंधरा या रमन सिंह के बागी तेवर की झलक नजर आती है। मानव स्वभाव को समझकर उनके अनुरूप व्यवहार करना एक भाजपा कार्यकर्ता को आता है।

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब हम अपने नेताओं से यह कहते कि बैठ जाइए तो ऐसी शब्दावली गलत होती लेकिन मैं उनसे यही कहता हूं कि आपका योगदान काफी ज्यादा है। चूंकि पार्टी कुछ नया करने की ओर कदम बढ़ा रही है जिसमें सहयोग की जरूरत है। भाजपा आज इस मुकाम तक पहुंची है तो इसमें वर्षों की तपस्या लगी है।

इस दौरान नड्डा (BJP President JP Nadda) कांग्रेस पर निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में नैतिकता नहीं है। कांग्रेस में नेता कुर्सी से चिपके रहते हैं। भाजपा में ऐसा नहीं होता है। भाजपा में त्याग की एक श्रृंखला मिल जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) को ही देख लीजिए। वह जब संगठन में थे तब जो जिम्मेदारी दी गई उन्होंने उसे निभाया। भाजपा में ऐसे बहुत लोग हैं जिन्होंने पदों से इस्तीफा देकर संगठन का काम संभाला है। भाजपा में नेता राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत पर चलते हैं।



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