हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद शहर में जगह-जगह पानी भरने और तापमान में हल्की वृद्धि के कारण एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। इसी के चलते डेंगू का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में डेंगू के 5 केस आ चुके है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से
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चंडीगढ़ की स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि अब तक शहर में डेंगू के 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह संख्या अभी कम दिखाई दे रही है, लेकिन बरसात के बाद के हालात डेंगू मच्छरों के लिए बहुत अनुकूल हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा अपने घरों, छतों या आस-पास पानी जमा न होने दें।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह।
साफ पानी में पनपते हैं एडीज मच्छर
मलेरिया विंग, स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ के अनुसार एडीज मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। इनके अंडे सूखे बर्तनों की दीवारों पर भी कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं। इसलिए लोगों से कहा गया है कि सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी की टंकी, फूलदान, पक्षियों के बर्तन, बाल्टी और ट्रे को खाली कर अच्छी तरह से साफ और सुखाएं।
विभाग ने यह भी बताया कि टूटे गमले, नारियल के छिलके, पुराने टायर, बोतलें, डिस्पोजेबल कप जैसी वस्तुएं मच्छरों के प्रजनन स्थल बन सकती हैं। इसलिए इन्हें खुली जगह पर न छोड़ें और नियमित रूप से नष्ट करें।
अगर बुखार और दर्द है, तो तुरंत जांच करवाएं
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों और हड्डियों में दर्द, या शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और खुद से कोई दवा न लें।अगर किसी को एक हफ्ते से अधिक बुखार है और हड्डियों या जोड़ों में दर्द हो रहा है, तो तुरंत डेंगू टेस्ट करवाना चाहिए।अगर नाक, दांतों या उल्टी में खून आने लगे, तेज सांस लेने में दिक्कत हो या ब्लड प्लेटलेट्स कम हों, तो यह डेंगू का गंभीर रूप हो सकता है।

मुफ्त डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध
डेंगू की जांच के लिए एन.एस.1 और आई.जी.एम. एलाइजा टेस्ट ही विश्वसनीय माने जाते हैं। ये जांचें पीजीआई (वायरोलॉजी विभाग), जीएमसीएच-32 (माइक्रोबायोलॉजी विभाग) और जीएमएसएच-16 में मुफ्त उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे लापरवाही न बरतें और सफाई व सतर्कता के साथ सहयोग करें, ताकि शहर में डेंगू के प्रकोप को फैलने से रोका जा सके।