झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। इसी क्रम में प्रदेश के दो जिलों में हाथियों ने दो लोगों को मार डाला, वहीं एक बुजुर्ग को घायल कर दिया। ये दोनों घटना गुमला और कोडरमा जिले में घटी। गुमला जिले में महुआ चुनने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग पर हाथी ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं कोडरमा जिले में हाथी के हमले में एक महिला और एक मजदूर की जान चली गई। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महुआ चुनने गए बुजुर्ग पर हमला, हालत गंभीर गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कुरूमगढ़ वन क्षेत्र के रामपुर पंचायत स्थित सदान बुकमा गांव में सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। गांव के 70 वर्षीय महिपाल लोहरा मिर्ची टंगरा इलाके में महुआ चुनने गए थे। इसी दौरान जंगल से निकलकर आए एक जंगली हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वन विभाग ने तत्काल राहत देते हुए परिजनों को 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। कोडरमा में महिला और मजदूर की मौत कोडरमा जिले में बुधवार देर रात हाथी मरियमपुर क्षेत्र के बिरहोर टोला में घुसे एक हाथी ने 55 वर्षीय मनिया बिरहोरणी को कुचलकर मार डाला। हमले में आरती बिरहोरणी नामक एक अन्य महिला घायल हो गई, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से भगाया। इसके बाद हाथी बोनाकाली महिला कॉलेज की ओर बढ़ गया। यहां उसने देवघर निवासी 40 वर्षीय मजदूर बालेश्वर सोरेन को अपनी चपेट में लेकर पटक-पटक कर मार डाला। परिजनों के अनुसार, रात में सोने के दौरान हाथी अचानक घर में घुस आया। जिससे जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बालेश्वर इसकी चपेट में आ गए। वन विभाग पर उठ रहे सवाल, इलाके में दहशत लगातार हो रही घटनाओं के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, इलाके में तीन हाथी घूम रहे हैं, जिनमें से एक अब भी मरियमपुर के समीप जंगलों में छिपा हुआ है। हाथी ने फॉरेस्ट गेस्ट हाउस की बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन हाथियों को दूर खदेड़ने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और टॉर्च के सहारे हाथी भगाने की कोशिश नाकाफी है। वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि हाथियों को दिबौर घाटी की ओर खदेड़ा गया है।
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