जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर का तनाव खुलकर सामने आ गया. कांग्रेस ने बुधवार (22 अक्टूबर) को आगामी राज्यसभा चुनावों और विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर विचार-विमर्श के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) द्वारा बुलाई गई संयुक्त रणनीति बैठक में भाग नहीं लिया. कांग्रेस नेतृत्व ने इस बैठक में भाग न लेने का फैसला किया, जिसका उद्देश्य विधायी कैलेंडर और राज्यसभा चुनावों के लिए एक संयुक्त रणनीति तैयार करना था. फिलहाल राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों पार्टियों के बीच रार की स्थिति देखने को मिल रही है.
कांग्रेस ने बैठक से बनाई दूरी
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने पुष्टि की है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग न लेने का निर्णय कांग्रेस विधायक दल और प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और राष्ट्रीय महासचिव गुलाम अहमद मीर सहित वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद लिया गया. बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि कांग्रेस पार्टी के नेता और विधायक गुरुवार (23 अक्टूबर) शाम 6:00 बजे एक और बैठक करेंगे. इसमें 24 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
कांग्रेस के छह विधायकों को किया गया था आमंत्रित
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान विधायकों द्वारा रखे गए विचारों को कांग्रेस आलाकमान के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. मतदान करना है या अनुपस्थित रहना है, इस पर अंतिम निर्णय कल की बैठक में लिया जाएगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने होटल रेडिसन कलेक्शन में होने वाली बैठक के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों को आमंत्रित किया था, जिनमें छह कांग्रेस विधायक, पांच निर्दलीय और माकपा विधायक मुहम्मद यूसुफ तारिगामी शामिल थे.
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव लड़ने से किया इनकार
नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच पिछले दो हफ्तों में दरार बढ़ती जा रही है, खासकर तब जब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस को राज्यसभा चुनावों में एक सुरक्षित सीट देने से इनकार कर दिया. इसके बजाय, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक जोखिम भरी सीट की पेशकश की, जिस पर कांग्रेस ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के सामने नगरोटा विधानसभा सीट का भी प्रस्ताव रखा, जिसे भी इसी तरह अस्वीकार कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर विधानसभा का एक सप्ताह लंबा शरदकालीन सत्र 23 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जबकि राज्यसभा की चार रिक्त सीटों के लिए चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे.
राज्यसभा चुनाव के समीकरण
नेशनल कॉन्फ्रेंस तीन सीटों पर और बीजेपी एक सीट पर सुरक्षित है. हालांकि, अगर कांग्रेस मतदान से दूर रहने का फैसला करती है, तो जमीनी स्तर पर स्थिति बदल सकती है, जिससे बीजेपी को एक और सीट पर बढ़त मिल जाएगी.
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद लोन पहले ही राज्यसभा चुनाव में अनुपस्थित रहने की घोषणा कर चुके हैं, जबकि डोडा से जेल में बंद विधायक मेहराज मलिक कठुआ जेल से मतदान करेंगे. मेहराज मलिक ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार से भी समर्थन वापस ले लिया है और उन्होंने राज्यसभा चुनाव में किसी को भी समर्थन देने की बात नहीं कही है.