नमस्कार सैलून पहुंचे पीसीसी चीफ का स्टाइलिश लुक चर्चा में है। कमल वाले विधायक बाबाजी के क्षेत्र में बाइक सवारों का ‘कीचड़-स्नान’ हो गया। आबकारी पुलिस के चंगुल से तौलियाधारी आरोपी भाग निकला और गुमटी में आराम फरमा रहे इनामी बदमाश पर जवान टूट पड़े। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सैलून में डोटासराजी का स्टाइलिश लुक सैलून में डोटासरा जी। वे दिन लद गए जब नीम के नीचे लकड़ी की कुर्सी पर बैठकर हजामत कराई जाती थी। फट्टा लगाकर कद बढ़ा लिया जाता था और कील अटकाकर सिरहाना तैयार हो जाता था। अब तो मॉडर्न जमाना है। राजनीति और सिनेमा में जवान रहना पड़ता है। उम्र का असर दिखना नहीं चाहिए। डोटासरा जी तो अभी खासे जवान हैं। उन्हें हक बनता है स्टाइलिश दिखें। बालों को कलर कराएं। केश-विन्यास प्रभावी हो। चेहरे पर दमक हो। लुक में मूंछे अड़चन दें तो हटा डालें। वैसे भी चीफ साहब के डुप्लीकेट मार्केट में गमछा डालकर घूमने लगे हैं। उन्हें तो बदला नहीं जा सकता, वक्त का तकाजा है कि खुद को बदल दिया जाए। 2. बाबा बालकनाथ के विधानसक्षा क्षेत्र में कीचड़ स्नान जिस तरह नाम खुशखेड़ा होने से जरूरी नहीं कि लोग यहां के कचरे से खुश हैं। उसी भांति टपूकड़ा नाम होने का यह मतलब नहीं कि कीचड़ के ढाब भरे हों और उनमें कोई टपके नहीं। ये दोनों कस्बे नए जिले खैरथल-तिजारा के हैं। जिले की हालत उस बच्चे जैसी, जिसे जल्दबाजी में तैयार करके स्कूल भेज दिया गया। न पैरों में जूते, न धुली शर्ट। बस्ते में किताबों का अता-पता नहीं। खैरथल-तिजारा को भी जल्दबाजी में जिला बना दिया। प्रशासनिक पदों पर अफसर नहीं। जिलेभर में गंदगी-कचरे के अंबार। कीचड़ भरे खुले नाले। टपूकड़ा में बाइक सवार दो अधेड़ गली से मुख्य मार्ग की ओर बढ़े। एक दीवार तोड़कर गली को मुख्य सड़क से जोड़ गया है। दीवार के पीछे खुला नाला है। जिसमें पानी है, कीचड़ है। चाट वाले के जूठे दोने हैं। नाले के ठीक पास वैसा ही ‘चिकन नेक’, जैसा पश्चिम बंगाल में है और शेष भारत को पूर्वात्तर भारत से जोड़ता है। बाइक सवार को पूरा यकीन था कि चिकन नेक से वह आसानी से निकल जाएगा। लेकिन मिशन फेल। बाइक और अपने साथी समेत सवार कीचड़ में। राहगीरों ने दोनों को खींचकर निकाला। इलाके के विधायक कमल वाली पार्टी के बाबाजी हैं। लोग कहते हैं कि नाला ढकने के लिए उन्हें एक साल पहले ज्ञापन दिया था। पीडब्लूडी के अफसरों को शायद डर है- कीचड़ ढकने से कमलवाले नाराज न हो जाएं। 3. डूंगरपुर में आबकारी विभाग की कार्रवाई गिरफ्तार करने का एक तरीका होता है। पुलिस आधी रात और ब्रह्ममुहूर्त के बीच छापा मारे। मुहल्ले को इकट्ठा न होने दे। महिलाओं से दूरी बनाकर रखे। लोगों से न उलझे। इन प्राथमिक नियमों को ताक पर रखकर डूंगरपुर के मनपुर गांव में आबकारी विभाग के सीआई साहब जाप्ता लेकर पहुंच गए आरोपी को धरने। साहब ने सादा वर्दी पहनी थी। दावा है कि आरोपी नहा-धोकर पूजा-पाठ करने बैठा था। तभी पुलिस घर में घुस गई। आरोपी को घसीटते हुए बाहर ले आई। घर की महिलाएं भी जुट गई। भीड़ इकट्टी हो गई। लोग वीडियो बनाने लगे। सीआई साहब ने वीडियो बनाने वाले को धमका दिया। बोले-मनपुर में रहना है या नहीं। झपट्टा मार फोन छीन लिया। वहां दो गुट बन गए। एक गिरफ्तार करने वाला और दूसरा गिरफ्तारी से बचाने वाला। आरोपी को रस्सा बनाकर खूब रस्साकसी हुई। इस बीच आरोपी तौलिए समेत सड़क पर जा गिरा। फिर उठकर सरपट दौड़ा। टीम ने पीछा करके उसे दबोच लिया। अब पुलिस ने राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया और आरोपी के परिवार ने घर में घुसकर मारपीट का। 4. चलते चलते… चैत्र अपनी खूबसूरत दोपहर के साथ उपस्थित था। दोपहर की नर्म धूप रेत के टीलों पर पसरी हुई थी। दूर-दूर तक खामोशी थी। कीड़े-मकोड़ों, टिटहरियों-कमेड़ियों के अलावा इस बियाबान में कोई नजर नहीं आ रहा था। बाड़मेर के धोरीमन्ना इलाके के अज्ञात टीलों के बीच अज्ञात गुमटी में राजू तौलिया बिछाकर आराम कर रहा था। कोई कह नहीं सकता था कि कई राज्यों में नशे का नेटवर्क फैलाने वाला यह अपराधी 7 साल से फरार है और पुलिस की पहुंच से दूर। राजू निश्चिंत था। अब तक पुलिस नहीं पकड़ पाई। अब क्या ही पकड़ लेगी। अचानक दड़-बड़, दड़-बड़ की आवाज सुनाई दी। राजू ने छड़ियों की दीवार के पार देखा कि कुछ लोग घेरा बनाकर दौड़ रहे हैं। तीतर पकड़ने के लिए आजकल शिकारी बहुतेरे घूम रहे हैं। ऐसी ही बात सोचकर वह फिर ऊंघने लगा। चंद सेकेंड बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के जवानों ने 40 हजार के इनामी और कुख्यात आरोपी तस्कर राजू को धर दबोचा। इनपुट सहयोग- राकेश गुसाईं (जयपुर), अनूप कौशिक (भिवाड़ी), चिंतन जोशी (डूंगरपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..
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