वक्त से पहले देशभर में पहुंच गया मानसून, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, ‘अगले 7 दिन…’

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<पी स्टाइल ="पाठ-संरेखण: औचित्य;">Monsson In India: साल 2025 में मानसून सीजन अब तक असाधारण रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मानसून सामान्य तारीख से नौ दिन पहले, यानी 29 जून को पूरे देश को कवर कर चुका है. यह एक खास रिकॉर्ड है, क्योंकि पिछले 25 सालों में केवल चार बार ऐसा हुआ है, जब मानसून ने एक ही दिन में उत्तर भारत और एनसीआर के बचे हुए हिस्सों को कवर किया हो.

2021 में यह घटना 13 जुलाई को और सबसे पहले 2013 में 16 जून को हुई थी. ये वह तारीख जो उत्तराखंड की आपदा (केदारनाथ बाढ़) के लिए भी जानी जाती है. 2025 में मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी, 29 जून तक मात्र 37 दिनों में पूरे देश को कवर कर चुका है, जबकि ऐसा होने में लगभग 38 दिन लगते हैं.

भारत में 2025 का मॉनसून

भारत में 2025 का दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून सामान्य से पहले आ गया. केरल में इसकी दस्तक लगभग आठ दिन पहले 24 मई को हो गई थी और फिर महाराष्ट्र जैसे राज्यों में यह दो सप्ताह पहले पहुंच गया. इस तेजी ने उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी बारिश जल्दी शुरू हो जाएगी. हालांकि, कुछ समय बाद ही मॉनसून की चाल में धीमापन आ गया और यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में समय पर नहीं पहुंच सका.

पंजाब और हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में मॉनसून

जहां हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में मॉनसून दिल्ली से पहले पहुंच गया, वहीं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यह बाद में आया. यह स्थिति असामान्य थी, क्योंकि आमतौर पर दिल्ली तक मॉनसून पहुंचने से पहले उत्तर भारत के अधिकांश भाग शुष्क रहते हैं. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस वर्ष जलवायु सिस्टम में कुछ परिवर्तन और अरब सागर में कम दबाव क्षेत्र अनुमान के मुताबिक विकसित नहीं हो पाया, इसके कारण मॉनसून की गति थोड़ी धीमी हो गई.

दिल्ली और NCR में मॉनसून की मेहरबानी

रविवार को आखिरकार दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र समेत भारत के शेष हिस्सों पर भी मॉनसून की मेहरबानी हुई. इसके साथ ही यह वर्ष उन गिने-चुने वर्षों में शामिल हो गया, जब पूरे भारत में एक ही दिन में मॉनसून पूरी तरह छा गया. यह घटना पिछले 25 वर्षों में केवल चौथी बार देखने को मिली है. इससे पहले ऐसा 2021, 2013 और 2008 में हुआ था.

IMD ने दी भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने अगले सात दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है. इससे न केवल नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, बल्कि जल-जमाव और बाढ़ जैसे हालात भी पैदा हो सकते हैं. शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम की जांच और सुधार, और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा उपायों पर जोर देना बेहद जरूरी है.



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