अलीगढ़ के थाना सासनी गेट पुलिस का हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है, यहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं. यहां थाने में तैनात दारोगा मनीष त्यागी ने गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज किशोर के नाम थाने पर चोरी के दर्ज मुकदमे में नगला पला निवासी एक निर्दोष व्यक्ति गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज को उसके घर से उठाकर थाने की हवालात में दो दिन बंद रखने के बाद जेल भेज दिया. पीड़ित ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है.
बताया गया कि पुलिस को जब अपनी गलती का एहसास हुआ. तब दारोगा ने जेल भेजे गए निर्दोष व्यक्ति को जेल से छुड़ाकर अपने साथ वापस ले आया. पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि पुलिस अब उसके घर पहुंच कर उसकी पत्नी और उसके ऊपर इस पूरे मामले में खाकी वर्दी का रौब दिखा कर समझौता करने का दबाव बना रही है.
एसएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस के खौफ के चलते अब उसका पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर हो गया. पीड़ित दंपति ने एसएसपी के दरबार में दारोगा की काली करतूत को उजागर करते हुए न्याय की गुहार लगाते हुए इंसाफ की मांग की. एसपी सिटी नें इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया है.
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोरी के एक दर्ज मुकदमे में वारंट होने के चलते दारोगा मनीष त्यागी द्वारा नगला पला निवासी निर्दोष व्यक्ति गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज को जेल भेजे जाने का पूरा मामला थाना सासनी गेट का है. गौरव ने अपने साथ हुई आप बीती का जिक्र करते हुए बताया कि दारोगा मनीष त्यागी उसके घर पहुंचा और किसी और व्यक्ति के नाम थाने पर चोरी के दर्ज मुकदमे में वारंट होने के चलते उठाकर अपने साथ थाने ले गया और उसको दो दिन थाने की हवालात में बंद रखा. गौरव कहा, इसके बाद दारोगा ने बिना किसी बेवजह के उसका चालान काटकर जेल भेज दिया.
यहां गौर करने वाली बात ये है कि आरोपी चोर गौरव उर्फ कालू पुत्र गिरिराज किशोर और निर्दोष व्यक्ति का नाम व उसके पिता का नाम एक जैसा है. जब दारोगा को अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वह दौड़कर जेल पहुंचा और जेल में बंद निर्दोष व्यक्ति को जेल से छुड़ाकर अपने साथ वापस ले आया.
पुलिस पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उसको बिना किसी दोष के 3 दिन जेल की सलाखों के पीछे रात काटनी पड़ी. अब दबंग दारोगा मनीष त्यागी और लेपर्ड पुलिस द्वारा बार-बार उसके घर पहुंच कर उसकी पत्नी और उसको पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की शिकायत नहीं करने का दवाब बन रही है.
पीड़ित ने लगाई इंसाफ की गुहार
पीड़ित का आरोप की पुलिस लगातार उसके घर पर पहुंचकर उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज कर धमकी देते हुए इस पूरे मामले में जबरदस्ती समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. वहीं, पीड़ित दंपति ने एसएसपी नीरज कुमार जादौन को इस मामले से अवगत कराते हुए इंसाफ दिलाए जाने की मांग की है.
‘जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई’
नगर पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने इस पूरे मामले को लेकर बताया कि पुलिस द्वारा निर्दोष व्यक्ति को पकड़ कर जेल भेजे जाने का एक मामला उनकी संज्ञान में आया है. यहां NBW तामील करने के दौरान एक दारोगा द्वारा निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजे जाने के बाद पीड़ित व्यक्ति द्वारा एक प्रार्थना पत्र उनको दिया गया है. इस मामले में गंभीरता के साथ जांच की जाएगी और जिस की भी लापरवाही मिली. उसके ऊपर जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी.